नवीकरणीय ऊर्जा को कर्ज़ देने वाली सरकारी कंपनी IREDA का शेयर 2 जनवरी 2026 को लगभग ₹146 था, जो 30 मार्च 2026 को गिरकर करीब ₹108.98 पर बंद हुआ है। सिर्फ तीन महीनों में यह लगभग 25% से ज़्यादा की गिरावट मानी जा रही है, जबकि पिछले एक साल में स्टॉक करीब 32% टूट चुका है। इस दबाव की सबसे बड़ी वजह मार्केट में मुनाफावसूली, रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर को लेकर समय‑समय पर आती चिंताएँ और वैल्यूएशन का हाई लेवल से कूल‑ऑफ होना माना जा रहा है। इसके बावजूद कंपनी के बिज़नेस में कोई बड़ी नेगेटिव खबर नहीं आई, जिसके कारण कई निवेशक इस गिरावट को प्राइस करेक्शन के रूप में देख रहे हैं।
₹1650 करोड़ की बड़ी ECB डील
बाजार बंद होने के तुरंत बाद IREDA ने एक्सचेंज को सूचना दी कि कंपनी ने जापान के Sumitomo Mitsui Banking Corporation (SMBC) के साथ ₹1,650 करोड़ की External Commercial Borrowing (ECB) डील साइन की है। इसका मतलब है कि कंपनी विदेश से कम लागत पर लोन उठाकर अपनी फंडिंग क्षमता को और मजबूत कर रही है। यह पैसा मुख्य रूप से सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और अन्य ग्रीन प्रोजेक्ट्स को फंड करने में इस्तेमाल होगा, जिससे कंपनी के लोन बुक और ब्याज आय में आगे चलकर बढ़ोतरी की संभावना है। विदेशी बैंक से मिल रही यह लांग‑टर्म फाइनेंसिंग IREDA की क्रेडिट प्रोफाइल और इंटरनेशनल लेवल पर उसकी साख को भी मजबूत संकेत देती है।
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FII होल्डिंग और रिटेल की भागीदारी
शेयर प्राइस में करेक्शन के बावजूद विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) का भरोसा IREDA पर बढ़ा है। सितंबर 2025 में जहाँ FII की हिस्सेदारी 1.92% थी, वहीँ दिसंबर 2025 तक यह बढ़कर लगभग 2.07% हो गई है। आम निवेशकों की बात करें तो रिटेल शेयरहोल्डर्स के पास करीब 22.31% हिस्सेदारी है, जो दिखाती है कि स्टॉक छोटे निवेशकों के बीच भी काफी लोकप्रिय है। जब गिरावट के दौर में भी FII अपनी हिस्सेदारी बढ़ाते हैं, तो इसे आमतौर पर लॉन्ग‑टर्म ग्रोथ पर विश्वास के रूप में देखा जाता है।
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IREDA के बिज़नेस और ग्रोथ की संभावना
IREDA एक सरकारी वित्तीय संस्थान है जो भारत में सौर, पवन और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को कर्ज़ उपलब्ध कराता है। भारत सरकार ने 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य रखा है, जिससे आने वाले वर्षों में ग्रीन प्रोजेक्ट्स के लिए फाइनेंसिंग की भारी मांग बने रहने की संभावना है। ऐसे में ₹1,650 करोड़ की नई फंडिंग IREDA को बड़े और अधिक संख्या में प्रोजेक्ट्स फाइनेंस करने की क्षमता दे सकती है, जिससे उसकी लोन बुक और रेवेन्यू दोनों को सपोर्ट मिलेगा। नवीकरणीय ऊर्जा पर सरकार का फोकस और पॉलिसी सपोर्ट IREDA जैसी कंपनियों के लिए लंबे समय तक मजबूत ऑपरेटिंग एनवायरनमेंट तैयार करता है।
Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और जनरल इनफॉर्मेशन के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे किसी भी तरह की निवेश, ट्रेडिंग या चिकित्सा सलाह नहीं माना जाए। शेयर बाज़ार में निवेश जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए फैसला लेने से पहले अपने रजिस्टर्ड फाइनेंशियल एडवाइज़र से परामर्श अवश्य करें।






