G R Infraprojects को नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) से बिहार में हाईवे प्रोजेक्ट के लिए लगभग ₹2,440.87 करोड़ का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह प्रोजेक्ट नेशनल हाईवे-33 (NH-33) के ग्रीनफील्ड सेक्शन के निर्माण से जुड़ा है, जिससे कंपनी के ऑर्डर बुक और बिजनेस दोनों को मजबूत समर्थन मिलेगा।
प्रोजेक्ट की लोकेशन और रूट डिटेल
यह प्रोजेक्ट बिहार के महत्वपूर्ण मार्ग पर बनाया जाएगा, जो मोकामा से मुंगेर के बीच चार लेन के नए ग्रीनफील्ड सेक्शन के रूप में विकसित होगा। कुल डिज़ाइन लंबाई लगभग 82.4 किलोमीटर रखी गई है, जिससे इस इलाके की कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक नेटवर्क में बड़ा सुधार होगा। इस कॉरिडोर के बनने से माल ढुलाई में समय और लागत दोनों कम होने की उम्मीद है, जिसका सीधा फायदा स्थानीय अर्थव्यवस्था और इंडस्ट्री को मिल सकता है।
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कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू और समय सीमा
G R Infraprojects को मिले इस कॉन्ट्रैक्ट की कुल कीमत ₹2,440.87 करोड़ तय की गई है, जिसे आधिकारिक तौर पर लेटर ऑफ अवार्ड के रूप में अनुमोदित किया गया है। प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 910 दिनों की समय सीमा रखी गई है, यानी लगभग ढाई साल में यह हाईवे सेक्शन तैयार होना है, जिससे कंपनी को मध्यम अवधि के लिए रेवेन्यू विजिबिलिटी मिलती है।
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HAM मॉडल के तहत निर्माण
यह हाईवे प्रोजेक्ट हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत बनाया जाएगा, जिसमें सरकार और प्राइवेट कंपनी दोनों की हिस्सेदारी होती है। इस मॉडल में NHAI प्रोजेक्ट कॉस्ट का एक हिस्सा निर्माण के दौरान देती है और बाकी पेमेंट तय अवधि में एन्युटी के रूप में मिलती है, जिससे कंपनी को स्थिर कैश फ्लो और रिटर्न की बेहतर दृश्यता रहती है। HAM मॉडल पिछले कुछ वर्षों से राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण में सरकार का पसंदीदा ढांचा बन गया है, जिससे प्रोजेक्ट रिस्क कुछ हद तक संतुलित हो जाता है।
G R Infraprojects की ऑर्डर बुक
G R Infraprojects पहले से ही हाईवेज और ब्रिज सेगमेंट में मजबूत ऑर्डर बुक रखती है, जहां FY25 के अंत तक कंपनी की कुल ऑर्डर बुक करीब ₹19,180 करोड़ बताई गई है, जिसमें लगभग 74% हिस्सेदारी हाईवेज और ब्रिज प्रोजेक्ट्स की है। कंपनी ने FY25 में करीब ₹13,000 करोड़ के नए ऑर्डर (L1 सहित) हासिल किए हैं और FY26 के लिए लगभग ₹20,000 करोड़ तक के नए ऑर्डर इंफ्लो का लक्ष्य रखा है, जिसमें हाईवे, रेलवे, मेट्रो और पावर ट्रांसमिशन जैसे सेगमेंट शामिल हैं।
बिहार के इंफ्रास्ट्रक्चर पर संभावित असर
NH-33 के इस नए सेक्शन के बनने से बिहार के मोकामा और मुंगेर जैसे क्षेत्रों के बीच यात्रा आसान होगी और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। पूर्वी भारत के लिए यह कॉरिडोर बड़े हाईवे नेटवर्क का हिस्सा है, जिसके जरिए राज्य की लॉजिस्टिक क्षमता बढ़ाने और निवेश आकर्षित करने की कोशिश की जा रही है, जिससे आने वाले समय में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में भी इजाफा देखने को मिल सकता है।
Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और जनरल इनफॉर्मेशन के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे किसी भी तरह की निवेश, ट्रेडिंग या चिकित्सा सलाह नहीं माना जाए। शेयर बाज़ार में निवेश जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए फैसला लेने से पहले अपने रजिस्टर्ड फाइनेंशियल एडवाइज़र से परामर्श अवश्य करें।






